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हिंदी ब्लागिंग हिंदी के मान सम्मान की वाहक हो सकती है ; बशर्ते...........!! - contest

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अप्रेल २००३ में श्री आलोक कुमार ने हिंदी का पहला ब्लाग ‘ नो दो ग्यारह ‘ लिखा , और उसको नाम दिया ‘चिट्ठा’ | तब से अबतक हिंदी ब्लागिंग की प्रगति पर कुछ संतुष्ट हुआ जा सकता है | मंद गति से आरम्भ होने वाली हिंदी ब्लागिंग ने सन २००७ के उपरांत रफ़्तार पकड़ ली | यह इंटरनेट पर हिंदी के टायपिंग टूल्स और ट्रांस्लिट्रेशन सुविधा उपलब्ध हो जाने के कारण संभव हुआ | आज तकनीक ने इंटरनेट पर हिंदी लिखने की और भी सुविधाएँ उपलब्ध करा दी हैं | देश के अनेक प्रतिष्ठित हिंदी समाचारपत्र अपनी इंटरनेट साइट्स पर निःशुल्क ब्लाग बनाने के सुविधा दे रहे हैं | इनके अतिरिक्त ‘ ब्लागर ‘ , ‘ ब्लागस्पाट ‘ , ‘ वर्डप्रेस ‘ , ‘ लाइव जर्नल ‘ आदि भी हिंदी में सशुल्क एवं निशुल्क ब्लाग बनाने की सुविधा दे रहे हैं | ‘ अक्षरग्राम नेटवर्क ‘ पर ब्लागिग से सम्बन्धित अनेक सेवाएं उपलब्ध हैं | ‘ ब्लागजगत ‘ , ‘ब्लागप्रहरी ‘ , ‘चिट्ठाजगत ‘ आदि हिंदी ब्लॉगों का संकलन प्रस्तुत करते हैं | ‘ गुगुल ‘ के अतिरिक्त ‘ टेक्नोरेती ‘ सर्च इंजन ब्लॉगों को खोजने में सहायता करते हैं | यह सब देख सुन कर अच्छा लगता है , परन्तु ब्लागिंग के विस्तृत पटल पर देखते हैं तो हिंदी ब्लागिंग को शैशवावस्था में ही पाते हैं | गत शताब्दी के अंतिम दशक में प्रारंभ हुई ब्लागिंग ने देश देशांतर की विभिन्न भाषाओँ में जो प्रगति की है , उसकी तुलना में हिंदी ब्लागिंग अभी अपरिपक्व ही है | यहाँ तक की अपने देश की उर्दू भाषा भी ब्लागिंग में हिंदी से आगे है |

आजकल अपने देश में ही अनेक लेखक , कवि , साहित्यकार ,पत्रकार , नेता , अभिनेता आदि अपने अपने ब्लाग लिख रहे हैं | इसके साथ ही धर्म , आध्यात्म , इतिहास , राजनीती , पर्यावरण , बनजीव , स्वास्थ , यात्रा , भोजन , खेल आदि विभिन्न विषयों के अतिरिक्त विभिन्न रुचियों पर भी ब्लाग लिखे जारहे हैं | परन्तु इनमें अधिकांश ब्लाग अंग्रेजी भाषा में हैं ,और हिंदी का हिस्सा अत्यंत अल्प है | रवीश कुमार , अविनाश दास , जैसे पत्रकारों के अतिरिक्त शास्त्री फ्लिप्स ( J. C. Philip ) , रविरतलामी , देवाशीष , डा० कविता बच्कान्वी आदि कुछ ब्लागर्स ही हिंदी में मौलिक और परिपक्व ब्लाग लेखन का दायित्व उठाये हुए हैं ; जबकि हिंदी के प्रख्यात लेखकों , कवियों , साहित्यकारों आदि की उपस्थिति इस मंच पर नगण्य ही है | हिंदी भाषी अनेक नेता और अभिनेता , कम्प्यूटर और इंटरनेट प्रशिक्षित व्यक्तियों की सेवाएं लेकर भी अपने ब्लाग अंग्रेजी में लिखवाते हैं , हिंदी में नहीं | यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है |

हिंदी ब्लागिंग के इस पिछड़ेपन का एक कारण तो यह है कि हिन्दीभाषी युवावर्ग जो कम्प्यूटर और इन्टरनेट का पारंगत है , वह अंग्रेजी के अधिक प्रभाव में है , और हिंदी से विमुख है | हिन्दीभाषी वह युवावर्ग जिसकी अभिव्यक्ति कि प्रमुख भाषा हिंदी है , वह कम्प्यूटर और इन्टरनेट में इतना निष्णात नहीं है और इतना सम्पन्न नहीं है कि हिंदी ब्लागिंग में अग्रणी भूमिका निभा सके |

दूसरा कारण ‘ इंडिक कम्प्युटिंग ‘ , ‘ इंडिक युनिकोडिंग ‘ आदि के उपरांत भी इन्टरनेट पर हिंदी लिखने की सुविधाएँ अभी भी अंग्रेजी के समकक्ष नहीं है |

अंत में सबसे प्रमुख कारण , हम हिंदीभाषियों में अपनी भाषा के प्रति प्रतिबद्धता में कमी है |

इन कारणों के निराकरण के लिए ‘ जागरण जंक्शन ‘ द्वारा ‘ contest ‘ जैसे आयोजन सराहनीय और अनुकरणीय हैं | इससे ब्लागरों की संख्या बढ़ती दीख रही है | इस प्रकार के आयोजन विभिन्न विषयों की विभिन्न विधाओं में भी हों तो और भी लाभकारी होगा | इसके अतिरिक्त विख्यात साहित्यकारों और विषय विशेषज्ञों का अतिथि सम्पादक के रूप में मार्गदर्शन की सुविधा प्राप्त हो सके तो हिंदी भाषा और हिंदी ब्लागिंग दोनों के लिए हितकारी होगा |

ब्लागिंग अभिव्यक्ति की उन्मुक्त स्वतंत्रता है | संस्कारहीन स्वतंत्रता स्वेच्छाचारिता एवं उच्छृंखलता में परिवर्तित हो सकती है | इसके अतिरिक्त जब जनसामान्य ब्लागिंग से अर्थोपार्जन की सम्भावनाओं से अवगत होगा , तब हिंदी भाषा के बाजार के दुश्चक्र में पड़ने की सम्भावना प्रबल होगी | इसलिए अभी से हिंदी ब्लागिंग का विकास संस्कारयुक्त साहित्यकारों और विद्द्वानों के संरक्षण में होना आपेक्षित है | इसका प्रबन्धन विभिन्न ब्लागिंग मंच कर सकते हैं |

सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम ब्लागर्स , ब्लागिंग को गम्भीरता से लें | ब्लागिंग मात्र बुद्धि-विलास के लिए न होकर बुद्धि-विकास के लिए हो | इसके लिए दृष्टि विस्तृत और सोच को बड़ा करना पड़ेगा | खूब पढ़ना पड़ेगा | ‘ जागरण जंक्शन मंच ” की पाठशाला के हम प्रशिक्षु ब्लागर यह निश्चय करें , कि भविष्य में हम ब्लागिंग के संस्थान बनकर , ब्लागिंग के महाविद्द्यालय बनकर हिंदी ब्लागिंग को उन ऊँचाइयों पर ले जाएगे , जहाँ हिंदी सहित विभिन्न विषयों के शोधार्थी अपने शोध के लिए पधारेंगे | हिंदी फिल्मो के निर्माता और निर्देशक अच्छी कहानियों के लिए हिंदी ब्लॉगों को खंगालेंगे | मनुष्यों कि विभिन्न रुचियाँ हिंदी ब्लॉगों कि वीथिकाओं में भ्रमण कर संत्रप्त हो जायेंगीं | धर्म , आध्यात्म , काव्य और कला के जिज्ञासु हिंदी ब्लागिंग के उपवन में विश्रांति पाएंगे | तब हिंदी ब्लागिंग निश्चित ही हिंदी को मान सम्मान दिलाने में सार्थक होगी |

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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

meenakshi के द्वारा
October 16, 2013

अनिल कुमार जी, शॉर्टलिस्टेड प्रतिभागियों की सूची में नामित होने के लिए बहुत-2 बधाई ! मीनाक्षी श्रीवास्तव

ushataneja के द्वारा
October 3, 2013

आदरणीय अनिल कुमार जी, शॉर्टलिस्टेड प्रतिभागियों की सूची में नामित होने के लिए बधाई|

satya sheel agrawal के द्वारा
September 29, 2013

अनिल जी ,आपका ब्लॉग पसंद आया जो ज्ञानवर्द्धक भी है,और प्रेरणा दायक भी.

    anilkumar के द्वारा
    September 30, 2013

    प्रिय सत्यशील जी , मेरा ब्लाग आपको पसंद आया , यह मेरा सौभाग्य है । ब्लाग पर पधारने और प्रतिक्रिया देने के लिए धन्यवाद ।

yatindranathchaturvedi के द्वारा
September 29, 2013

विचारणीय

    anilkumar के द्वारा
    September 30, 2013

    प्रिय यतीन्द्रनाथ जी , धन्यवाद ।

meenakshi के द्वारा
September 25, 2013

ब्लागिंग मात्र बुद्धि-विलास के लिए न होकर बुद्धि-विकास के लिए हो | बहुत उचित बात कही है . एक बेहतरीन लेख . मीनाक्षी श्रीवास्तव

    anilkumar के द्वारा
    September 30, 2013

    आदर्णीय मीनाक्षी जी , मेरे लेख में आपको सहमति के विचार मिले , यह मेरा सौभाग्य है ।  ब्लाग पर आपका और आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत ।

    Deena के द्वारा
    October 17, 2016

    That’s really thikinng of the highest order

yamunapathak के द्वारा
September 25, 2013

अनिल सर आपके सुझाव का स्वागत करती हूँ साभार

    anilkumar के द्वारा
    September 30, 2013

    आदर्णीय यमुना जी , मेरे लेख पर आपकी प्रतिक्रिया ने मुझे और मेरे सुझावों दोनो को  अधिमूल्यित कर दिया है । आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।


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